| ش | ی | د | س | چ | پ | ج |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | ||
| 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
| 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19 |
| 20 | 21 | 22 | 23 | 24 | 25 | 26 |
| 27 | 28 | 29 | 30 |
چشمه باید گشت, مملو از خورشید زیست
تا که مردابی, خبر از نور نیست
آینه شو, عشق را تابان ببین
جلوه ی جانانه را در جان ببین
در میان این کویر خارها
عشق باشد چون شقایق زارها
از ازل در جان من می خواند عشق
آتشی در هر رگم می راند عشق
شاهین کیهانی