ش | ی | د | س | چ | پ | ج |
1 | ||||||
2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 |
23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28 | 29 |
30 | 31 |
بگو از کدامین دیار امدی ؟
که با لحظه هایم کنار امدی؟
مدارا نکردی، مروت که هیچ
تو ای غم برای چکار آمدی ؟
به هر گوشه ی زخمی سینه ام
جوانه زدی و به بار آمدی ؟
به آتش کشیدی جهان مرا
به شور و شری بی شمار آمدی
به آئین و ایل و تبارت قسم
به روی کدامین قرار آمدی؟
علی معصومی